Sunday, 13 September 2020

 

खाता बही के खतौनी के क्या नियम होते है :



जर्नल में जितने खातों का नाम होता है उन सभी का खाता खोला जाता है।खातों के नाम, खाता-बही के पृष्ठों के मध्य में, बड़े और स्पष्ट अंतरों में लिखा जाता है।एक नाम से संबंधित सभी लेखे एक ही जगह लिखा जाता है।जर्नल में किए गए लेखे को खाते में सिलसिलेवार ढंग से अर्थात तिथिवार लिखा जाता है।जिस नाम का खाता खोला जाता है उस नाम को उस खाते के  DR. या  CR. पक्ष में कभी नहीं लिखा जाता है। उसके SAME SIDE OPPSITE NAME लिखा जाता है।

नाम पक्ष ( DEBITE SIDE ) के खाते के पहले TO और जमा पक्ष (CREDIT SIDE) के खाते के पहले By शब्द लिखा जाता है।

(Ledger) खाता-बही क्या होती है ?

खाता-बही व्यवसाय व्यापारी की प्रधान बही है जिसमें व्यापार में होने वाले लेन-देनों का संक्षिप्त वर्गीकृत लेखा किया जाता है।इसमें प्रत्येक पक्ष से संबन्धित एक निश्चित समय लेन-देन एक ही स्थान पर लिखे जाते हैं जिसे उस पक्ष का खाता कहते हैं।ऐसा करने का उद्देश्य एक निश्चित समय में एक खाते से संबंधित लेन-देनों की स्थिति की जानकारी प्राप्त करना है।खाता-बही में समस्त व्यक्तिगत, वास्तविक एवं अवास्तविक खाते रखे जाते हैं। साधारणतया, खाता बही रजिस्टर के रूप में होती है। इसके प्रत्येक पृष्ठ पर पृष्ठ संख्या अंकित होती है।तो इस तरह रोजनामचा और सहायक बहियों में लेन-देनों की प्रविष्टियाँ करने के बाद उनका वर्गीकरण किया जाता है। यह वर्गीकरण खाता-बही में होता है



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